अमित शाह

अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम : राज्य की सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार ने सभी राज्यों से सिफारिश की है कि वे अपनी सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करें। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को औपचारिक पत्र भेजकर उचित कदम उठाने का आग्रह किया है। यह निर्णय विशेष रूप से इसलिए लिया गया है क्योंकि अग्निवीरों का पहला समूह वर्ष 2027 में अपनी चार साल की सेवा पूरी करके नागरिक जीवन में वापस लौटेगा। केंद्र की मंशा है कि सेवा काल समाप्त होने के बाद इन अनुशासित युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व सैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं की तर्ज पर ही अग्निवीरों को भी राज्य सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पत्र में सुझाव दिया गया है कि विशेष रूप से पुलिस कांस्टेबल, जेल वार्डन, फायरमैन, वन रक्षक, खनन गार्ड, माउंटेड पुलिस, विशेष पुलिस अधिकारी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल जैसे पदों पर 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाए। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि सेना से प्रशिक्षित और अनुशासित होकर निकलने वाले युवाओं की ऊर्जा और कौशल का उपयोग राज्यों की कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने में किया जा सके।

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देश के कुछ राज्यों ने इस दिशा में पहले ही सक्रियता दिखाना शुरू कर दिया है। हरियाणा इस तरह का आरक्षण लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य बना है, जिसने पुलिस, जेल वार्डन और ग्रुप-सी के विभिन्न पदों पर अग्निवीरों के लिए विशेष कोटा तय कर दिया है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने भी अपनी पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने की आधिकारिक घोषणा की है। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य, जिसे वीरों की भूमि के रूप में जाना जाता है और जहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं, वहां भी 2027 में लौटने वाले पहले बैच के भविष्य को लेकर राज्य सरकार के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।

हिमाचल प्रदेश के सैनिक कल्याण विभाग ने इस विषय पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर मदनशील शर्मा (सेवानिवृत्त) ने पुष्टि की है कि गृह मंत्रालय का परामर्श पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों के लिए स्थान सुरक्षित कर चुकी है और अब राज्यों में 20 प्रतिशत आरक्षण मिलने से इन युवाओं के पास करियर के ढेरों नए विकल्प उपलब्ध होंगे। 2027 में अपनी सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए यह खबर एक बड़ी राहत और प्रोत्साहन के रूप में देखी जा रही है।

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