जयपुर: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने सदन से बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा को निकालने के लिए प्रस्ताव रख रहे थे। इस पर धारीवाल और गुढ़ा में तकरार हो गई। विवाद बढ़ने पर बढ़ने पर कांग्रेस विधायक रफीक खान बीच में आ गए। रफीक और गुढ़ा के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हो गई। इस बीच, गुढ़ा स्पीकर सीपी जोशी के सामने लाल डायरी लहराने लगे। गुढ़ा यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल का माइक नीचे कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने गुढ़ा को सदन से बाहर निकालने के आदेश दिए और मार्शल बुलाकर उन्हें सदन से निकलवा दिया।
संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने बर्खास्त मंत्री गुढ़ा और भाजपा विधायक मदन दिलावर को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने पारित कर दिया। गुढ़ा और दिलावर को विधानसभा की बची हुई अवधि के लिए सदन से सस्पेंड कर दिए गए हैं। अब वे विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे। उन्हें विधायक के तौर पर मिलने वाली सुविधाएं भी फ्रीज रहेंगी। सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री गुढ़ा रो पड़े। उन्होंने कहा कि पहले सीएम साहब ने रसगुल्ले दिए थे, आज घूंसे मार दिए। सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया गया। कांग्रेसी मंत्रियों-विधायकों ने मारपीट की। धक्का दिया और घसीटकर बाहर निकाला है। इस पर स्पीकर सीपी जोशी को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
गुढ़ा ने कहा कि इस प्रदेश की हर बहन-बेटी मेरी बहन-बेटियां हैं। मैं उन्हें अपनी बहन से भी बढ़कर मानता हूं। मैं महाराव शेखाजी का वंशज हूं, जिनकी तीन पीढ़ियों ने महिला सम्मान के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। कांग्रेस के मंत्री और विधायक बलात्कारी हैं। मंत्री-विधायकों का नार्को टेस्ट करवाना चाहिए। इनमें से बहुत से बलात्कारी हैं। इससे पहले राजेंद्र गुढ़ा लाल डायरी लेकर स्पीकर सीपी जोशी के सामने पहुंचे। जोशी ने गुढ़ा से कहा कि चैंबर में मिलना। इसके बाद गुढ़ा को वहां से तत्काल चले जाने के लिए निर्देश दिया। लेकिन गुढ़ा स्पीकर के आसन के सामने लगातार लाल डायरी लहराते रहे। गुढ़ा और स्पीकर में नोक-झोंक होती रही। स्पीकर ने गुढ़ा को सदन से बाहर निकालने तक की चेतावनी दी। वह फिर भी नहीं माने। काफी देर बाद स्पीकर के सामने से गुढ़ा हटे और संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के सामने पहुंचकर उनका माइक खींचकर नीचे कर दिया। इसके बाद मार्शलों ने गुढ़ा को सदन से बाहर निकाल दिया।
इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि गुढ़ा के साथ कांग्रेस विधायकों की मारपीट निंदनीय है। सैनिक कल्याण मंत्री रहे गुढ़ा लाल डायरी लेकर आए थे। वह राज खोलना चाहते थे। आज सदन में मैंने भी लाल डायरी का मुद्दा उठाया था। गुढ़ा को बोलने नहीं दिया गया। मार्शलों के जरिए उनके साथ मारपीट की गई। अपने ही विधायक पर कांग्रेस के विधायक जिस तरह टूट पड़े, वह शर्मनाक है। जब तक लाल डायरी का राज नहीं खुलेगा, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। सदन साक्षी था गुढ़ा ने हाथापाई नहीं की। दोपहर दो बजे बाद विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सारे घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने हंगामा किया। भाजपा विधायक वेल में आ गए और लाल डायरियां लहराने लगे। थोड़ी देर तक हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही जारी रही। इस बीच, शोर-शराबा बढ़ने पर एक घंटे के लिए दोबारा रोक दी गई। विधानसभा की कार्यवाही साढ़े तीन बजे फिर शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा। इस बीच तीसरी बार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। वहीं, हंगामे के बीच विधानसभा में तीन बिल पारित हुए।
दोपहर 3.24 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही सदन में भाजपा विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच ही मंत्री शांति धारीवाल ने मणिपुर हिंसा को लेकर शासकीय संकल्प पेश किया। स्पीकर ने हंगामा करने और कागज फेंकने पर भाजपा विधायक मदन दिलावर को सदन से निकालने को कहा। इस पर भाजपा विधायक दिलावर को घेरकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने आधे घंटे के लिए फिर सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। बीजेपी विधायक वेल में आकर धरने पर बैठ गए।


