एजेंसी, प्रयागराज। मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे पुलिस का विरोध नहीं करेंगे और पूरा सहयोग करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि वे तीन अदालतों (जनता, अपने मन और भगवान) पर विश्वास करते हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम पुलिस का किसी भी तरह विरोध नहीं करेंगे। पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस जो भी करे, जनता देख रही है।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए तीन अदालतें हैं
1. जनता (निचली अदालत), 2. हमारा मन (मध्यम अदालत) और 3. भगवान (सुप्रीम कोर्ट)। जनता सब देख रही है और फैसला वही देगी। हमारा मन जानता है कि हम सही हैं या नहीं। भगवान भी सब देख रहे हैं। ऐसे में हमें तीनों अदालतों से निर्दोष प्रमाण मिला है।
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पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज
पिछले हफ्ते झूंसी थाने में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत विशेष अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला शनिवार रात लगभग 11:30 बजे दर्ज किया गया, जब पुलिस को अदालत का आदेश मिला। अधिकारियों ने पुष्टि की कि कार्रवाई न्यायिक निर्देश के पालन में की गई।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
FIR भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 351(3) और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराएं 3, 4(2), 6, 16, 17 और 51 के तहत दर्ज की गई है। शिकायत में नाबालिगों के साथ यौन अपराधों के गंभीर आरोप शामिल हैं। आदेश विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौहानिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका सुनने के बाद दिया। अपने निर्णय में अदालत ने शिकायत, दो कथित पीड़ितों के बयान, स्वतंत्र गवाहों की गवाही और प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट का हवाला दिया।


