आईएमएफ चीफ ने बताया

आईएमएफ चीफ ने बताया- एआई 40प्र. नौकरियों को प्रभावित कर सकता है

व्यापार

एजेंसी, नई दिल्ली। आईएमएफ चीफ ने बताया- एआई 40प्र. नौकरियों को प्रभावित कर सकता है नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए दोधारी तलवार बताया। उन्होंने कहा कि एआई वैश्विक जीडीपी ग्रोथ (विकास दर) को सालाना 0.8 प्रतिशत अंक तक बढ़ा सकता है, जिससे कोविड-पूर्व स्तर से भी तेज आर्थिक वृद्धि संभव हो सकती है। जॉर्जीवा ने इसे “शानदार” अवसर करार देते हुए कहा कि यह तेज वृद्धि नए रोजगार और अवसर पैदा करेगी।

भारत को लेकर भरोसा जताया
एआई को लेकर खासतौर से भारत के संदर्भ में उन्होंने पॉजिटिव बात कही। उन्होंने भरोसा जताया कि एआई का सही उपयोग करके ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने और 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना देख रहा है। आईएमएफ प्रमुख के अनुसार, एआई इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारत की मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, युवा आबादी, नवाचार (इनोवेशन) और उद्यमिता को सराहा, जो एआई को लोकतांत्रिक बनाने में मददगार साबित हो रहा है।

लेकिन रोजगार बाजार पर बड़ा खतरा
उत्साह के साथ-साथ जॉर्जीवा ने गंभीर चेतावनी भी जारी की। आईएमएफ के शोध के मुताबिक, एआई वैश्विक स्तर पर 40प्र. नौकरियों को प्रभावित करेगा- उभरते बाजारों में 40प्र. और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में 60प्र. तक। उन्होंने एआई के असर को “लेबर मार्केट पर त्सुनामी” जैसा बताया, जो तेज, शक्तिशाली और अनदेखा नहीं किया जा सकता।एंट्री-लेवल जॉब्स सबसे ज्यादा जोखिम में हैं, खासकर युवाओं के लिए। कुछ नौकरियां खत्म हो सकती हैं, कुछ बदल जाएंगी, और कुछ अधिक कुशल व उच्च वेतन वाली बनेंगी। असमानता बढ़ने का खतरा है, अगर नीतियां सही नहीं रहीं।

इन्फोसिस चेयरमैन नंदन नीलकेणी की राय
इस बीच, इंफोसिस इन्वेस्टर एआई डे 2026 में बोलते हुए इन्फोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि एआई क्रांति कोड लिखने तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में फोकस एआई सिस्टम को संचालित करने, ऑर्केस्ट्रेट करने और उन्हें बिजनेस में प्रभावी ढंग से लागू करने पर होगा। नीलकेणी ने इसे पिछले बदलावों (स्मार्टफोन, क्लाउड) से कहीं ज्यादा मूलभूत बताया, जो बिजनेस मॉडल, ऑपरेशन और टैलेंट को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि एआई वैश्विक स्तर पर 170 मिलियन नए हाई-ग्रोथ जॉब्स पैदा कर सकता है- जैसे एआई इंजीनियर्स, फॉरेंसिक एनालिस्ट्स, एआई लीड्स, फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स आदि। हालांकि, पुरानी कुछ भूमिकाएं (जैसे बेसिक कोडिंग, क्यूए टेस्टिंग) कम प्रासंगिक हो सकती हैं।

ये भी पढ़े : कैश ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी और गाड़ी खरीदने के लिए पैन के नियमों में बदलाव
व्यापार

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply