प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को बताया ऐतिहासिक, कहा- छोटे व्यापारियों को बड़ा फायदा, भविष्य की मजबूत नींव'

प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को बताया ऐतिहासिक, कहा- छोटे व्यापारियों को बड़ा फायदा, भविष्य की मजबूत नींव’

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय व्यापार

एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें देश की नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब झलकता है। महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार देश का बजट प्रस्तुत करके नया रिकॉर्ड बनाया है। यह बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दिखाता है। यह सुधारों की यात्रा को मजबूत करता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करता है।

न्होंने कहा कि भविष्य को ध्यान में रखकर इस बजट को पेश किया गया है। इससे छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होगा। ये विकसित भारत की गति को तेज करने वाला बजट है। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को सशक्त करता है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। मित्रों, भारत जिस सुधार की रफ्तार पर आज चल रहा है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा और नई गति मिलेगी। इस बजट से यूथ की उड़ान के लिए आसमान खुल गया है। भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है।

बजट से भारत की ग्लोबल पोजीशन मजबूत होगी। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यह बजट भरोसे पर आधारित गवर्नेंस और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को दिखाता है। यह एक खास बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और महंगाई को कंट्रोल करने को प्राथमिकता देता है, साथ ही ज्यादा पूंजीगत खर्च और मजबूत आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाता है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि विश्व के एक विश्वसनीय लोकतांत्रिक भागीदार और विश्वसनीय गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। हाल ही में जो बड़े-बड़े व्यापार सौदे भारत ने किए हैं, जिसका मुख्य लाभ भारत के युवाओं को मिला, भारत के लघु और मध्यम उद्योग के लोगों को मिला, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बजट सिर्फ आज की जरूरतें पूरी नहीं करता, बल्कि 2047 के विकसित भारत की नींव को भी मजबूत करता है। उन्होंने इसे ‘अवसरों का हाईवे’ बताते हुए कहा कि भारत अब केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर रुकना नहीं चाहता, देश की नजरें अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर टिकी हैं। इस बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। इस बजट में नई उभरती इंडस्ट्रीज यानी सनराइज सेक्टर्स को जिस बढ़ोतरी के साथ समर्थन दिया गया है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील फाइनल किए हैं, जिन्हें अक्सर ‘सभी डील की जननी’ कहा जाता है। यह पक्का करने के लिए कि ज्यादा से ज्यादा फायदा युवाओं और एमएसएमई तक पहुंचे, बजट में कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए, बजट में कई बड़े कदम शामिल किए गए हैं। इनमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विकास, नेशनल वॉटरवे का विस्तार, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण, और टियर 2 और टियर 3 शहरों के विकास पर खास ध्यान देना शामिल है। इसके अलावा, म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने का मकसद शहरी इलाकों के लिए एक मजबूत आर्थिक बुनियाद देना है। ये सभी कदम मिलकर विकसित भारत की दिशा में प्रगति को तेज करेंगे।

शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है बजट : प्रधान
शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को पेश केन्द्रीय बजट में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में शिक्षा बजट को बढाया गया है जो सरकार की शिक्षा के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है। श्री प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन में आज कहा कि इस बजट में नवजात शिशु से लेकर युवा तक का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी, स्कूल शिक्षा, स्किलिंग, नर्चरिंग इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप और शोध इस बजट के बड़े संकेत है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे ले जाने के लिए बजट में कई कल्पना की गयी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में शिक्षा में बजट बढाया गया है। पिछले बार की तुलना में इस बार बजट 8.27 प्रतिशत अधिक है जो सरकार की शिक्षा के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है। श्री प्रधान ने कहा कि भारत की लड़कियां विज्ञान, तकनीक और गणित की शिक्षा में दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है। सरकार ने इसमें और गति देने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाये जायेंगे जिसमें शोध,नवाचार और ज्ञान का एक इकोसिस्टम बनेगा। अर्थ नीति को बढाने के लिए उसे ज्ञान से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोले जाने की घोषणा की गयी है। देश से बाहर पढने जाने वाले छात्रों को पहले पांच प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था उसे दो प्रतिशत किया गया जिससे छात्रों को देश के बाहर शोध करने के लिए जाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि बजट में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) के बजट में चौदह प्रतिशत की बढोत्तरी की गयी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के नालेज आधारित अर्थव्यवस्था को बढाने के लिए यह बजट 21वीं सदी के जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है।

‘मोदी सरकार के पास विचारों की कमी’…कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बजट 2026 की आलोचना की

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। बजट सामने आने के बाद से ही इसे लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। विपक्षी नेता ने इसे एकतरफा और आम जनता की अपेक्षाओं से विपरीत बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बजट पर बयान सामने आया है। खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए यह दावा किया है कि मोदी सरकार के पास विचारों और दूरदृष्टि की कमी हो गई है।

एक्स पर शेयर किया पोस्ट
खरगे ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, देश इस समय आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो नीति दृष्टि बची है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति, और यह बजट उसी खालीपन को उजागर करता है। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार अब विचारों से खाली हो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मिशन मोड अब चैलेंज रूट बन गया है और रिफॉर्म एक्सप्रेस शायद ही किसी रिफॉर्म जंक्शन पर रुकती है।

बजट 2026 में कोई ठोस नीति नहीं
खरगे के अनुसार बजट 2026 में न कोई ठोस नीति दिखाई देती है और न ही ऐसे नारे जो नीति के अभाव को ढक सकें। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे सरकार की विफलता का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश को दिशा देने वाला विजन पूरी तरह गायब है। खरगे ने आगे कहा कि देश के किसान अब भी किसी सार्थक वेलफेयर सपोर्ट या इनकम सिक्योरिटी प्लान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में असमानता ब्रिटिश राज के स्तर से भी आगे निकल चुकी है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए किसी विशेष समर्थन की घोषणा नहीं की गई। खरगे के अनुसार यह बजट सामाजिक न्याय की भावना को पूरी तरह नजरअंदाज करता है।

वित्त आयोग की सिफारिशों पर उठाए सवाल
खरगे ने वित्त आयोग की सिफारिशों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे राज्यों को कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही, जबकि वे गंभीर वित्तीय दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि फेडरलिज्म इस बजट में भी हताहत हुआ है। दूसरी ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में वित्त वर्ष 2027 के लिए कैपेक्स लक्ष्य 12.2 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की, जो मौजूदा वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की बात भी कही गई, लेकिन कांग्रेस इसे अपर्याप्त मानती है।

‘बंगाल को कुछ नहीं मिला, इकोनॉमिक कॉरिडोर सिर्फ जुमला!’ बजट पर ममता बनर्जी का तीखा रिएक्शन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस बजट की तारीफ की है। वहीं विपक्ष ने इसे फेंकू बजट बताया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी बजट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सीएम बनर्जी ने कहा कि इस बजट में केंद्र सरकार ने बंगाल को कुछ नहीं दिया है और ये बजट दिशाहीन है।

कॉरिडोर को लेकर कही ये बात
सीएम बनर्जी ने कहा कि उन्होंने तीन कॉरिडोर के बारे में जो कहा, वह पूरी तरह से झूठ का कचरा है। सरासर झूठ। यह पहले से ही प्रोसेस में है और हमने वहां काम करना शुरू कर दिया है। पुरुलिया में जंगलमहल जंगल सुंदरी प्रोजेक्ट में, इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए, Rs 72,000 करोड़ इन्वेस्ट किए जाने हैं। उन्होंने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है।

‘वे हमारा पैसा ले रहे हैं’
सीएम बनर्जी ने कहा कि वहां सिर्फ एक टैक्स है, जीएसटी। वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं कि वे हमें पैसा दे रहे हैं। यह हमारा पैसा है। इसलिए, उनके पास सरकार चलाने और देश को इस तरह खत्म करने का कोई मोरल अधिकार नहीं है। वे देश के इकोनॉमिक स्ट्रक्चर, इस देश के कॉन्स्टिट्यूशनल स्ट्रक्चर और इंडिपेंडेंट एजेंसियों को खत्म करना चाहते हैं। वे बातें बहुत करते हैं लेकिन काम कम करते हैं।

मंत्रियों, मंत्रिमंडल सचिवालय और पीएमओ के खर्च के लिए 1,102 करोड़ रुपये का आवंटन
केंद्रीय बजट 2026-27 में मंत्रिपरिषद, मंत्रिमंडल सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तथा राज्य अतिथियों के आतिथ्य और मनोरंजन पर होने वाले खर्च के लिए 1,102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 978.20 करोड़ रुपये से अधिक है। रविवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में वित्त वर्ष 2026-27 लिए मंत्रिपरिषद के खर्चों कऐ 620 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 483.54 करोड़ रुपये थी। यह प्रावधान मंत्रिमंडल के मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के वेतन, और अन्य भत्तों तथा यात्रा पर होने वाले व्यय के लिए है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 256.19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 279.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के प्रशासनिक खर्चों और अंतरिक्ष कार्यक्रम को पूरा करने के लिए है।

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के लिए 65 करोड़ रुपये तक आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 61.32 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह प्रावधान प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान के प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए है। मंत्रिमंडल सचिवालय को बजट में 80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में इसके लिए 78 करोड़ रुपये दिए गए थे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को आगामी वित्त वर्ष के लिए 73.52 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में पीएमओ के प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए 68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आतिथ्य और मनोरंजन खर्चों के लिए 5.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह आवंटन 6.20 करोड़ रुपये था।

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