एजेंसी, उत्तराखंड। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। हरिद्वार के बहादराबाद पुलिस स्टेशन में पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर और एक्ट्रेस उर्मिला सानवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उन पर सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाले ऑडियो और वीडियो क्लिप सर्कुलेट करके बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की इमेज खराब करने के आरोप लगे हैं। यह वीडियो 2022 के अंकिता भंडारी मर्डर केस से जुड़ा है। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, एफआईआर शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ और संत शिरोमणि गुरु रविदास अखाड़ा के एक पदाधिकारी धर्मेंद्र की शिकायत पर दर्ज की गई है।
शिकायत में लगाए गए आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सर्कुलेट किए गए ऑडियो और वीडियो क्लिप में अंकिता भंडारी मर्डर केस से जुड़े दावे थे। साथ ही इन्हें बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से शेयर किया गया है। बता दें कि दुष्यंत गौतम, शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट और संत शिरोमणि गुरु रविदास अखाड़ा के नेशनल प्रेसिडेंट हैं।
पुलिस ने आश्वासन दिया
बहादराबाद के स्टेशन हाउस ऑफिसर अंकुर शर्मा ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपों से जुड़े तथ्यों और सबूतों की पुष्टि के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्चस्व बनाने की लड़ाई
समाज के लोगों ने कहा, गुमराह करने वाले ऑडियो और वीडियो क्लिप से रविदासी समाज में भारी ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर रविदास पीठ में अपना वर्चस्व बनाने के लिए दुष्यंत गौतम से रंजिश रखते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर की ओर से लगाए गए झूठे आरोपों के कारण पूरे रविदास समाज में उनके प्रति क्रोध है।
वीडियो में नेता पर लगाए आरोप
हाल ही में सामने आए उर्मिला सनावर के एक वीडियो ने इस मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। वीडियो में कथित तौर पर एक ‘वीआईपी’ के नाम का जिक्र और भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है अंकिता मर्डर का मामला?
ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हो गई थी। उन पर कथित तौर पर वीआईपी मेहमानों को “स्पेशल सर्विस” देने का दबाव डाला गया था। जब मामले की जांच शुरू हुई तो अंकिता को गायब करने, उसकी हत्या और शव को नहर में फेंकने में पुलकित आर्य और उसके दो साथियों की सहभागिता सामने आई। शुरुआती जांच में ऐसे तथ्य सामने आए, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद अंकिता की हत्या के मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को मई 2025 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
ये भी पढ़ें : भोपाल में सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 5 दर्जन से ज्यादा अधिकारियों, इंजीनियरों को हटाया


