नई दिल्ली| गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तट पर चक्रवात बिपरजॉय ने दस्तक दे दी है। तट पर टकराने के साथ ही लैंडफॉल शुरू हो गया है। हवा 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है। मौसम विभाग कहना है कि लैंडफाल की पूरी तीव्रता रात में करीब 8 से 10 बजे के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान हवा की स्पीड 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान का लैंडफॉल आधी रात तक जारी रहेगा।
कच्छ और सौराष्ट्र के कई इलाकों में हवा की रफ्तार तेज होने से पेड़ और खंभे गिर रहे हैं। चक्रवात आने से पहले ही 94 हजार से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से रेस्क्यू किया गया है। कोस्ट गार्ड ने 15 जहाज और 7 एयरक्राफ्ट तैयार रखे हैं। एनडीआरएफ की 27 टीमें भी तैनात हैं। इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। तूफान के चलते सौराष्ट्र-कच्छ तट पर गुरुवार और शुक्रवार को बहुत ही भारी बारिश होने की संभावना है। इसके चलते सोमनाथ, द्वारका सहित सभी मंदिरों को शुक्रवार तक दर्शनार्थियों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है। अगले तीन दिन तक इन इलाकों के सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।
बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले 9 जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली थी। बीते 58 साल की बात करें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट से टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।


