एजेंसी, नई दिल्ली। देशभर में इंडियों की फ्लाइट में रुकावट पर मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने कहा है कि भारत सरकार ने इंडिगो की सर्विस में आई रुकावट की हाई-लेवल जांच कराने का फैसला किया है। मिनिस्ट्री ने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इंडिगो में क्या गलत हुआ, जहां भी जरूरी होगा वहां जवाबदेही तय की जाएगी और सही कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी रुकावटों को रोकने के लिए उपाय सुझाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को दोबारा ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
इंडिगो फ्लाइट्स में सर्विस में रुकावट के मामले में मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने एक 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है, जो स्थिति पर रियल-टाइम नजर रख रहा है। जिससे तुरंत सही कदम उठाए जा सकें और असरदार कोऑर्डिनेशन हो सके। जैसे ही कोई समस्या आए उसे तुरंत हल किया जा सके। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
डीजीसीए के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस ऑर्डर पर रोक
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डीजीसीए के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस ऑर्डर को तुरंत असर से रोक दिया गया है। एयर सेफ्टी से कोई समझौता किए बिना, यह फैसला पूरी तरह से यात्रियों के हित में लिया गया है, खासकर सीनियर सिटीजन, स्टूडेंट्स, मरीजों और अन्य लोगों के लिए जो जरूरी जरूरतों के लिए समय पर हवाई यात्रा पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह पक्का करने के लिए कई ऑपरेशनल कदम उठाए गए हैं कि सामान्य एयरलाइन सेवाएं जल्द से जल्द बहाल हों और यात्रियों को होने वाली परेशानी काफी कम हो। इन निर्देशों को तुरंत लागू करने के आधार पर, हमें उम्मीद है कि फ्लाइट शेड्यूल कल तक स्थिर होने लगेंगे और सामान्य हो जाएंगे। हमें उम्मीद है कि अगले तीन दिनों के भीतर सेवाओं की पूरी बहाली हो जाएगी।
इंडिगो संकट में डीजीसीए ने लिया बड़ा फैसला, पायलट के आराम संबंधी नियमों में बदलाव को लिया वापस
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद चालक दल के सदस्यों के आराम संबंधी नियमों में बदलाव आंशिक रूप से वापस ले लिया है। डीजीसीए ने शुक्रवार को सभी विमान सेवा कंपनियों को जारी एक निर्देश में कहा है वह उस आदेश को वापस ले रहा है जिसमें कहा गया था कि चालक दल के सदस्यों के अनिवार्य आराम के घंटों को साप्ताहिक अवकाश से अलग रखना जरूरी होगा। इसमें कहा गया है कि परिचालन में मौजूदा व्यवधानों और विभिन्न एयरलाइंस द्वारा इस संबंध में सौंपे अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगों की उड़ानें बड़ी संख्या में रद्द हुई हैं। एयरलाइंस ने आज अकेले दिल्ली हवाई अड्डे पर यहां से जाने वाली 135 और यहां आने वाली 90 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने इस व्यवधान के लिए मुख्य रूप से डीजीसीए के नये नियमों को जिम्मेदार ठहराया है जिसमें चालक दल के लिए हर सप्ताह कम से कम 48 घंटे अनिवार्य आराम का प्रावधान किया गया है। उसने गुरुवार को डीजीसीए के साथ बैठक में नियम के अनुपालन फरवरी तक रियायत की मांग की थी। साथ ही बताया था कि अगले दो-तीन दिन तक उड़ानों का रद्द होना जारी रहेगा। इसके बाद 08 दिसंबर से वह अपनी उड़ानों की संख्या में कटौती कर रही है।
इंडिगो की 1 हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द, डीजीसीए की सख्ती के बाद एयरलाइंस ने मांगी माफी
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में परिचालन संकट गुरुवार को भी जारी रहा। स्थिति इतनी बिगड़ी कि एयरलाइन को पूरे देश में 1000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे हजारों यात्रियों को लंबी कतारों, घंटों इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।
इंडिगो ने जारी किया आधिकारिक बयान
डीजीसीए की बढ़ती सख्ती और अव्यवस्था के बीच इंडिगो ने औपचारिक बयान जारी करते हुए मौजूदा हालात पर खेद जताया और जल्द संचालन सामान्य करने का भरोसा दिया। एयरलाइन ने कहा “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान देखने को मिला है। हम अपने सभी यात्रियों और हितधारकों से माफी मांगते हैं। हमारी टीमें एमओसीए, डीजीसीए, बीसीएएस, एएआई और विभिन्न एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं। यात्रियों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपनी उड़ान की स्थिति जांचने का अनुरोध है।”
नवंबर में 1200 से ज्यादा उड़ानें रद्द
इंडिगो रोजाना 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है और सामान्य दिनों में करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है। लेकिन नवंबर महीना एयरलाइन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा 1,232 उड़ानें रद्द हुई। कई उड़ानें घंटों देरी से संचालित हुई। इससे संचालन पर गंभीर असर पड़ा। यह इंडिगो के इतिहास में सबसे बड़े परिचालन तनावों में से एक माना जा रहा है।
रिपोर्ट में सामने आए कारण
– 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द
– 92 उड़ानें एटीसी फेलियर की वजह से
– 258 उड़ानें एयरपोर्ट प्रतिबंधों के चलते
– 127 उड़ानें अन्य परिचालन कारणों से रद्द
– डीजीसीए ने इंडिगो को सेवा गुणवत्ता सुधारने, अधिक क्रू की भर्ती करने, बेहतर परिचालन योजना और निगरानी करने की सलाह दी है।
कब आएगा स्थिति में सुधार?
इंडिगो ने दावा किया है कि वह सभी एजेंसियों के साथ मिलकर नेटवर्क को जल्द सामान्य करने पर काम कर रही है। हालांकि, स्टाफ की भारी कमी और बढ़ते ऑपरेशनल प्रेशर को देखते हुए स्थिति पूरी तरह कब सुधरेगी, यह कहना अभी मुश्किल है।
राहुल गांधी ने साधा भाजपा पर निशाना, कहा- ‘इंडिगो की विफलता सरकार के एकाधिकार मॉडल की कीमत…’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों से उड़ानों के रद्द होने तथा देरी के कारण हवाई यात्रियों की परेशानी और इंडिगो एयरलाइंस की विफलता को सरकार की एकाधिकार नीति का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि इस संकट के बुनियाद सरकार की एकाधिकार की नीति में है और सरकार की इस नीति को अपनाने ने के कारण ही इंडिगो के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा “इंडिगो की विफलता मोदी सरकार के एकाधिकार मॉडल की कीमत है। एक बार फिर, इसकी कीमत आम भारतीयों को चुकानी पड़ रही है जिसके कारण विमान सेवाओं में देरी हो रही है और उड़ानें एक के बाद एक करके रद्द की जा रही हैं।” उन्होंने विमान यात्रियों की इस लाचारी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है। मैच फिक्सिंग करने वाली एकाधिकार की नीति ठीक नहीं है। गौरतलब है कि इंडिगो की उड़ाने पायलटों को ज्यादा आराम देने जैसे नये नियमों के कारण प्रभावित हुई है और कई उड़ानों को रद्द करना पड़ रहा है।


