एजेंसी, भोपाल| मध्य प्रदेश शासन ने मंगलवार को प्रशासनिक अधिकरियों की तबादला सूची जारी की है. जिसमें 24 आईएएस को इधर से उधर किया गया है. इसमें 12 जिले के कलेक्टरों को भी बदला गया है. जिन जिलों में कलेक्टरों को बदला गया है, उनमें पन्ना, पांढुर्ना, सिवनी, मुरैना, डिंडौरी, अलीराजपुर, निवाड़ी, भिंड, सिंगरौली, छिंदवाड़ा और रतलाम जिले शामिल हैं.
भोपाल नगर निगम आयुक्त बनेंगी संस्कृति जैन
भोपाल नगर निगम के आयुक्त हरेंद्र नारायण को छिंदवाड़ा जिले की कमान सौंपी गई है. उनकी जगह भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन होंगी. इसके साथ संस्कृति जैन के पास मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अपर प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. संस्कृति जैन इससे पहले सिवनी जिले की कलेक्टर थीं. इनके साथ ही एमपी टूरिज्म की अपर प्रबंध संचालक विदिशा मुखर्जी को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी रहे नीरज वशिष्ठ को पहली बार कलेक्टर बनाया गया है. उनको नए जिले पांढुर्ना की कमान सौंपी गई है. नीरज वशिष्ठ शिवराज सरकार में सीएम कार्यालय में पदस्थ थे. नीरज वशिष्ठ के साथ ही उषा परमार को भी पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है. उषा परमार को पन्ना जिले का कलेक्टर बनाया गया है. अभी वो राजस्व में भोपाल संभाग के अपर आयुक्त के पद पर थीं.
विवादों में घिरी डिंडौरी कलेक्टर को भी हटाया
डिंडौरी कलेक्टर नेहा मारव्या को विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति विभाग का संचालक बनाया गया है. जिले में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे थे. इनके खिलाफ विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भी शिकायत की थी. इससे पहले नेहा मारव्या आईएएस एसोसिएशन के आफिशियल ग्रुप में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर चर्चा में आई थीं. उन्होंने दर्द बयां किया था कि कई आईएएस अधिकारियों को पूरे सेवाकाल में मैदानी स्तर पर पदस्थापना नहीं मिलती है. इसके बाद ही उन्हें डिंडौरी कलेक्टर बनाया गया था.
विवादों में रहे भिंड कलेक्टर को भी हटाया
इसी तरह भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को भी हटा दिया है. कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से पिछले दिनों विवाद हुआ था.
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेस से पहले लिया फैसला
अगले सप्ताह कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस होनी है. ऐसे में सरकार उन आईएएस अधिकारियों को हटाना चाह रही थी. जिनकी पहले शिकायतें मिल चुकी हैं. वहीं कई ऐसे जिले थे, जहां निरंतर जनप्रतिनिधि कलेक्टरों की शिकायत कर रहे थे. अब सरकार नए अधिकारियों की जमावट के जरिए सरकार में कसावट लाने की तैयारी कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि एक से दो दिन में और भी आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी हो सकती है.





