चुरहट में जन अधिकार आंदोलन : चुरहट की जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं, मिलेगा माकूल जवाब- अजय सिंह राहुल

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश सीधी

चुरहट (सीधी)। मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह ‘राहुल भैया’ के नेतृत्व में बुधवार को चुरहट में जन अधिकार आंदोलन का आयोजन किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ज्ञान सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में हुए इस धरना प्रदर्शन में आमजन से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। आंदोलनकारियों ने कलेक्टर सीधी को बिंदुवार ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिजली संकट, बाणसागर व गुलाब सागर विस्थापन, खाद-बीज की उपलब्धता, मध्यान भोजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल संकट, बीपीएल सूची सुधार, अवैध कब्जों से मुक्ति सहित कई मांगें शामिल थीं। चेतावनी दी गई कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

सभी अटकलों को दरकिनार कर उमड़ा जनसैलाब, सोशल मीडिया पर उठे सवालों को जनता ने खुद दिया जवाब

भारी बारिश के बावजूद चुरहट में जन अधिकार आंदोलन में उमड़ी हजारों की भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि जनता अपने अधिकारों की लड़ाई में राहुल भैया के साथ है। विरोधियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंदोलन की सफलता पर लगाए जा रहे सवालिया निशानों को जनसैलाब ने खारिज कर दिया। इस आंदोलन ने यह भी दर्शाया कि चुरहट की जनता जागरूक है और वह अधिकारों के लिए हर मौसम में लड़ने को तैयार है। आमजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, प्रकोष्ठों व महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति ने जन समर्थन का साफ संदेश दिया।

चुरहट की जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं, मिलेगा माकूल जवाब: अजय सिंह राहुल

आंदोलन को संबोधित करते हुए विधायक अजय सिंह राहुल ने तीखे शब्दों में कहा, “प्रदेश में भ्रष्ट और निकम्मी सरकार है, जिसे जनता के दुःख-दर्द से कोई सरोकार नहीं। प्रशासन भी नेताओं के इशारे पर जनता को प्रताड़ित कर रहा है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज़ उठाती रही है, लेकिन सरकार मौन है। अगर यही हाल रहा तो आंदोलन और व्यापक होगा। राहुल भैया ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर टारगेट किया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा। “राजनीतिक बदले की भावना से काम करने वालों को चेतावनी है – जनता माफ नहीं करेगी।” उन्होंने चेताया है कि अगर ज्ञापन में दर्ज मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई, तो इससे भी व्यापक जनआंदोलन होगा जो भ्रष्टाचार की नींव हिला देगा।

अब सरकार को जवाब देना होगा!” – अजय सिंह ‘राहुल’ के नेतृत्व में जन अधिकार आंदोलन गरमाया, प्रशासन को 45 दिन का अल्टीमेटम
चुरहट, जिला सीधी| चुरहट की ज़मीन पर जनता की आवाज़ गूंज उठी –“हम पूछेंगे, हिसाब लेंगे!” जन अधिकार आंदोलन के बैनर तले चुरहट विधानसभा में मंगलवार को इतिहास बना। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधायक अजय सिंह ‘राहुल’ की अगुवाई में हज़ारों की तादात आमजनमानस, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, आवास, राशन, और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एसडीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है —
“45 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान करें, वरना आंदोलन सड़क से सचिवालय तक पहुंचेगा!”

अजय सिंह ‘राहुल’ ने दी हुंकार:

“जनता की आवाज़ अब दबेगी नहीं!”
चुरहट की मूलभूत समस्याओं को लेकर हमने भारी जनसमर्थन के साथ ज्ञापन सौंपा है।
अब सरकार और प्रशासन के पास सिर्फ 45 दिन हैं।
या तो समाधान करें या संघर्ष के लिए तैयार रहें।

ये सिर्फ ज्ञापन नहीं, जन असंतोष का एलान है

43 बिंदुओं में समेटी गई जनता की आवाज़ को जन अधिकार आंदोलन ने एक मंच पर लाकर सत्ता और व्यवस्था दोनों को खुली चुनौती दी है।
इन मांगों में शामिल हैं:…… जनता की ज्वलंत समस्याएं — बुलेट प्वाइंट्स में:-

1. पानी की त्रासदी
हैंडपंप सूखे, पाइपलाइनें टूटी, वाटर सप्लाई ठप
जल जीवन मिशन अधूरा, गांवों में लोग मटमैला पानी पीने को मजबूर

2. सड़कें नहीं, दलदल हैं
कुसौड़िया, लालजी तिवारी, डोंडी टोला, बदरी, पचांवर जैसे गांवों में सड़कें बर्बाद
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण से रास्ते बंद, कई जगह मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते

3. बीमार स्वास्थ्य तंत्र
रामपुर नैकिन और चुरहट के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, दवा नहीं
ग्रामीण महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

4. आवारा पशु बनाम अन्नदाता
खेत उजड़ रहे हैं, किसान बरबाद हो रहे हैं
गौशालाएं सिर्फ फाइलों में, ज़मीन पर जीरो सुविधा

5. वनाधिकार, बीपीएल और आधार में वंचना
आदिवासी और गरीब परिवारों को पट्टा नहीं मिला
बीपीएल सूची में नाम जोड़ने के लिए चक्कर पर चक्कर

6. भ्रष्टाचार बेलगाम
ग्राम सचिव से लेकर पटवारी तक, सुविधा शुल्क के बिना काम नहीं
नज़राना दो, तभी सेवा मिले — यही नया नियम!

7. रेलवे ब्रिज नहीं, हादसे आम
नकलोह, पचांवर, टिककटोली, बोहरामऊ जैसे क्षेत्रों में रेलवे अंडरब्रिज नहीं
ग्रामीण ट्रैक पार कर जान जोखिम में डाल रहे

8. अधूरे निर्माण, दिखावटी योजनाएं
हैंडपंप खुदे, पाइपलाइनें बिछीं, पर पानी गायब
राशन दुकानें बंद, स्वास्थ्य केंद्रों में ताले

ज्ञापन में कौन-कौन साथ रहा?

अजय सिंह ‘राहुल’ – विधायक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष
रामभिलाष पटेल – अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस चुरहट
प्रदीप कुमार द्विवेदी – अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस रामपुर
विजय सिंह – अध्यक्ष, युवक कांग्रेस
प्रमोद पांडेय – अध्यक्ष, किसान कांग्रेस
ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री – महामंत्री, जिला कांग्रेस
श्रीमती शशिकला द्विवेदी – कार्यकारी अध्यक्ष
और दर्जनों स्थानीय जनप्रतिनिधि व पंचायत प्रतिनिधिगण

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है:-

“यह ज्ञापन अंतिम चेतावनी है। 45 दिनों में समस्या नहीं सुलझी तो सड़क से मंत्रालय तक संघर्ष तेज़ किया जाएगा। यह सिर्फ एक ज्ञापन नहीं, जन घोषणा है!” यह आंदोलन अब चुरहट तक सीमित नहीं, यह पूरे सीधी ज़िले के दबे हुए जनसवालों की पहली गूंज है।

 

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