नागपुर हिंसा : स्थानीय नेता फहीम खान समेत 6 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज

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एजेंसी, नागपुर। साइबर पुलिस ने नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी स्थानीय नेता फहीम खान और पांच अन्य के खिलाफ राजद्रोह और अशांति के दौरान सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये छह लोग उन 50 आरोपियों में शामिल हैं जिनके खिलाफ साइबर विभाग ने सोमवार को यहां हुई हिंसा के सिलसिले में चार प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) लोहित मतानी ने यहां प्रेस वार्ता में बताया कि साइबर अपराध विभाग ने ‘फेसबुक’, ‘एक्स’, ‘इंस्टाग्राम’ और ‘यूट्यूब’ अधिकारियों से उनके मंच पर मौजूद 230 प्रोफाइल के बारे में जानकारी मांगी है और इन पर रोक लगाये जाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही विभाग को सूचना मिलेगी, आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा। अधिकारी ने बताया कि उनकी जांच से पता चला है कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा किए जाने के बाद शुरू में गलत सूचना फैलाई गई, जिससे हिंसा और भड़क गई।

मतानी ने बताया कि साइबर पुलिस की प्राथमिकी में ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एमडीपी) के नेता फहीम खान समेत छह लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आयत वाली चादर जलाए जाने की अफवाहों के बीच हिंसक भीड़ ने सोमवार रात को मध्य नागपुर के कई इलाकों में उत्पात मचाया था। इस घटना में पुलिस उपायुक्त रैंक के तीन अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी घायल हो गये थे। मतानी ने बताया कि खान ने औरंगजेब की कब्र को हटाये जाने की मांग को लेकर किये गये प्रदर्शन का एक वीडियो संपादित किया और इसे (सोशल मीडिया पर) प्रसारित किया। प्रदर्शन के भड़काऊ वीडियो बनाने और हिंसा भड़काने के लिए इन्हें प्रसारित करने के संबंध में चार प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। इसके अलावा और अधिक दंगे भड़काने के लिए हिंसा के वीडियो (सोशल मीडिया पर) साझा किए गए। मतानी ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि इसके अलावा अभद्र पोस्ट को साझा किया गया, जिससे हिंसा और भड़क गई।

नागपुर हिंसा : विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने पर एमडीपी नेता फहीम खान गिरफ्तार

महाराष्ट्र में नागपुर पुलिस थाने के बाहर सोमवार को एक विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने के आरोप में ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एमडीपी) के नेता फहीम खान को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि खान उन 50 से अधिक लोगों में शामिल है जिन्हें शहर में सोमवार रात हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दंगे भड़काने में खान की कोई भूमिका थी या नहीं। खान के खिलाफ प्राथमिकी में कहा गया है कि खान के नेतृत्व में 50 से 60 लोगों का एक समूह सोमवार को गणेशपेठ पुलिस थाने के बाहर अवैध रूप से इकट्ठा हुआ और दिन में पहले हुए विश्व हिंदू परिषद के एक विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। अधिकारी के अनुसार, इसके बाद खान और आठ अन्य लोग भालदारपुरा इलाके में गए, जहां शिवाजी महाराज चौक के पास एक अल्पसंख्यक समुदाय के करीब 500 से 600 लोग जमा हुए थे। अधिकारी ने बताया कि खान को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। यह पूछे जाने पर कि क्या खान ही मास्टरमाइंड है, नागपुर के पुलिस आयुक्त वीरेंद्र सिंघल ने संवाददाताओं से कहा कि हमलावरों की पहचान करने और प्राथमिकी में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ नाम सामने आए हैं।

पुलिस जांच करेगी कि क्या इन लोगों की शुरू से ही कोई भूमिका थी, क्या उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि है, या क्या वे (हिंसा की) साजिश रच रहे थे। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।’’ सिंघल ने कहा कि अब तक छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए विहिप और बजरंग दल के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान आयत वाली चादर जलाए जाने की अफवाहों के बीच हिंसक भीड़ ने सोमवार रात को मध्य नागपुर के कई इलाकों में उत्पात मचाया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विहिप के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुरान की आयतों वाली कोई चादर नहीं जलाई गई। तलाशी अभियान के बाद 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और नाग पुर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया। बचाव पक्ष के एक वकील ने दावा किया कि गिरफ्तार लोगों में कंप्यूटर इंजीनियर और स्कूल जाने वाले बच्चे भी शामिल हैं और उनमें से कई निर्दोष हैं। अधिवक्ता आसिफ कुरैशी ने कहा कि मंगलवार को स्था नीय अदालत में 27 आरोपियों को पेश किया गया और उनमें से 11 को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं के दौरान अधिकतर आरोपी अपने परिवार के साथ घर पर थे।

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