प्रयागराज| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महाकुंभ मेले के शुभारंभ पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानवता के महापर्व ‘महाकुंभ 2025’ में ‘पौष पूर्णिमा’ के पावन अवसर पर संगम में स्नान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले सभी संतों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। मानवता के महापर्व ‘महाकुंभ 2025’ में ‘पौष पूर्णिमा’ के पावन अवसर पर संगम में स्नान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले सभी संतों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। आज प्रथम स्नान पर्व पर 1.65 करोड़ सनातन धर्मावलंबियों ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रथम स्नान पर्व को सफल बनाने में सहभागिता निभाने वाले महाकुंभ मेला प्रशासन, प्रयागराज प्रशासन, @Uppolice, नगर निगम प्रयागराज, स्वच्छाग्रहियों, गंगा सेवादूतों, कुंभ सहायकों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, विभिन्न स्वयंसेवकों एवं मीडिया जगत के मित्रों सहित महाकुंभ से जुड़े केंद्र व राज्य सरकार के सभी विभागों का बहुत-बहुत आभार! पुण्य फल मिले, महाकुंभ चलता रहे। गौर हो कि महाकुंभ के पहले दिन संगम सहित प्रयागराज के विभिन्न घाटों पर बिहार, हरियाणा, बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों से भारी भीड़ देखी गई
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा का रखा जा रहा खास ध्यान
गौरतलब है कि प्रयागराज में 10,000 एकड़ क्षेत्र में फैला महाकुंभ 2025 का आयोजन दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह भव्य आयोजन 45 दिनों तक चलेगा। सरकार ने इस महाकुंभ के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं हैं। इनमें 1.5 लाख शौचालय, 15,000 सफाई कर्मचारी और मेला क्षेत्र में 1.5 लाख टेंट शामिल हैं। पूरे क्षेत्र को रोशन करने के लिए 69,000 एलईडी लाइटें और सोलर हाइब्रिड स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। भीड़ प्रबंधन के लिए 2,750 कैमरे और 24/7 इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र और 1,800 हेक्टेयर में पार्किंग की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा, 25,000 कर्मचारी व्यवस्थाओं को संभालने में लगे हुए हैं।
महाकुंभ में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वाटर एम्बुलेंस तैनात की है। यह एम्बुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और इसमें डॉक्टर और एनडीआरएफ कर्मी मौजूद रहेंगे। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। प्रमुख स्नान तिथियों में 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या), 3 फरवरी (बसंत पंचमी), 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) शामिल हैं। हर 12 साल में होने वाले इस आयोजन में इस बार करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। पहले ही दिन संगम में 1 करोड़ लोगों ने स्नान किया। महाकुंभ भारतीय संस्कृति और आध्यात्म का प्रतीक है और श्रद्धालु पूरे देश से यहां आ रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने सराही व्यवस्थाएं
मेला क्षेत्र में आए श्रद्धालुओं ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। तिलक लगाने वाले प्रदीप उपाध्याय ने बताया, “2019 के कुंभ की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं में कहीं अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है।”
व्यापारियों में भी दिखा उत्साह
स्थानीय व्यापारियों के लिए भी यह पर्व आर्थिक समृद्धि का कारण बन रहा है। फूलपुर से आई दुकानदार संतोषी देवी ने बताया, “गंगाजल स्टोर करने वाले डिब्बों की मांग सबसे अधिक है। श्रद्धालु पूजन सामग्री भी बड़ी मात्रा में खरीद रहे हैं।” इस वर्ष का महाकुंभ न केवल भव्यता में बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या में भी पिछले सभी आयोजनों को पीछे छोड़ सकता है। आगामी 45 दिनों में सरकार के अनुमान से भी अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
प्रमुख आकर्षण
संगम तट पर विशेष घाट
लेटे हनुमान मंदिर के पास विशेष पूजा व्यवस्था
पारंपरिक तिलक और आरती की सुविधा
स्थानीय हस्तशिल्प और धार्मिक वस्तुओं की दुकानें
इसलिए खास है ये महाकुंभ
इस महाकुंभ में देश-दुनिया से 45 करोड़ श्रद्धालुओं, संतों-भक्तों, कल्पवासियों और अतिथियों के शामिल होने का अनुमान है। 144 साल बाद दुर्लभ संयोग में यह महाकुंभ माना जा रहा है। विपरीत विचारों, मतों, संस्कृतियों, परंपराओं स्वरूपों का महामिलन 45 दिन तक गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी के तट पर चलेगा। महाकुंभ में इस बार 183 देशों के लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। कुंभनगरी में सेक्टर-18 में वीआईपी गेट भी बनाया गया है। इस पॉइंट पर 72 देशों के राष्ट्रध्वज लगे हैं, जिनके प्रतिनिधि औपचारिक रूप से मेले में शामिल होने के लिए आ रहे हैं।


