नई दिल्ली| भारतीय मार्क्सवादी के महासचिव सीताराम येचुरी का निधन हो गया है. वह पिछले कुछ समय से बीमार थे. उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था. उनकी उम्र 72 साल थी. सीपीएम की वरिष्ठ नेता पुण्यवती ने बीबीसी तेलुगू के संपादक जीएस राममोहन को बताया कि दिल्ली के एम्स अस्पताल में आज दोपहर येचुरी का निधन हुआ. बीती 10 सितंबर को सीपीएम की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि येचुरी को सांस की नली में गंभीर संक्रमण हुआ था. सीपीएम की छात्र इकाई एसएफ़आई ने सीताराम येचुरी के निधन पर लिखा है, “स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने अपने प्रिय और एसएफ़आई के पूर्व अध्यत्र, सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी के सम्मान में अपने बैनर को झुका लिया है.”
समाचार एजेंसी के अनुसार येचुरी को 19 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें पहले इमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती कराया गया और फिर इंटेंसिव केयर यूनिट यानी आईसीयू में शिफ़्ट किया गया था. सीपीआई (एम) ने ट्वीट किया, “हमारे प्रिय कॉमरेड सीताराम येचुरी, सीपीआईएम के महासचिव का एम्स में आज निधन हो गया. कॉमरेड सीताराम येचुरी को लाल सलाम.” पार्टी ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि येचुरी को सांस लेने की नली में संक्रमण था, जिसने बाद में गंभीर रूप ले लिया. येचुरी के निधन के बाद दिल्ली में पार्टी सीपीआई (एम) कार्यालय में लगा पार्टी का झंडा भी आधा झुका दिया गया.
सीपीआईएम के नेता हन्नान मोल्ला ने कहा, “सीताराम येचुरी सीपीआईएम के महासचिव नहीं रहे. वह एम्स में भर्ती थे.” एम्स की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि 72 साल के सीताराम येचुरी को 19 अगस्त 2024 को निमोनिया की शिकायत के कारण भर्ती कराया गया था. 12 सितंबर दोपहर तीन बजकर पाँच मिनट पर उन्होंने अंतिम सांसें ली. प्रेस रिलीज़ के अनुसार, येचुरी के परिवार ने उनकी बॉडी टीचिंग और रिसर्च के लिए एम्स को डोनेट कर दी है. सीताराम येचुरी भारतीय राजनीति के बड़े नामों में से एक थे. वह 32 सालों से सीपीएम के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे. वह साल 2015 से पार्टी के महासचिव थे. सीताराम येचुरी साल 2005 से 2017 तक राज्यसभा सांसद भी रहे.
पिछले महीने 22 अगस्त को एम्स में भर्ती रहते हुए येचुरी ने एक वीडियो संदेश में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि दी थी. उन्होंने अपने संदेश में कहा था, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुझे एम्स से ही बुद्धो दा के प्रति भावनाएं प्रकट करना और लाल सलाम कहना पड़ रहा है.” राहुल गांधी ने सीताराम येचुरी के साथ अपनी इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए उन्हें अपना दोस्त बताया|
राहुल ने बताया दोस्त, ममता बनर्जी बोलीं- दुखी हूं., कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, “सीताराम येचुरी के निधन की सूचना पाकर दुखी हूं. उनका जाना राष्ट्रीय राजनीति के लिए नुकसान है. उनके परिवार, मित्रजन और सहयोगियों के प्रति मेरी संवेदनाएं है.”
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट में सीताराम येचुरी को अपना एक दोस्त बताया. उन्होंने लिखा, “आइडिया ऑफ़ इंडिया के संरक्षणकर्ता, जिन्हें देश की गहरी समझ थी. हमारे बीच होने वाली लंबी चर्चाओं को मैं याद करूंगा. दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्र और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.”
येचुरी के निधन के बाद आरजेडी के नेता मनोज झा ने कहा, “इस ख़बर पर अभी तक भरोसा ही नहीं हो रहा है. कुछ ही समय पहले उनसे मुलाकात हुई थी. बीते दिनों मैं उनसे लगातार संपर्क में रहा. लालू यादव के साथ उनका एक लंबा संगठन रहा.ये उम्र जाने की नहीं थी. अभी बहुत कुछ बाकी था. उनके परिवार, साथियों को ईश्वर संबल दें.”
एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने लिखा, “सीपीआई (एम) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद श्रद्धेय सीताराम येचुरी जी के निधन का समाचार दुखद है. मेरी पूरी संवेदना उनके परिजनों के साथ है. मैं उन्हें अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें.”
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव और वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी जी के निधन का समाचार सुनकर गहरा दुःख हुआ. उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है. वे एक कुशल राजनेता, विचारक और जनता के हितों के लिए समर्पित नेता थे. मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा को शांति एवं उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूँ.”
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “देश के वरिष्ठ राजनेता एवं सीपीएम के महासचिव श्री सीताराम येचुरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. भावभीनी श्रद्धांजलि !”


