सीएम मोहन यादव ने मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा की : इंदौर से उज्‍जैन के बीच चलेगी मेट्रो ट्रेन

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना
जनप्रतिनिधियों की सहमति से लागू होंगे ट्रैफिक प्लान
सीएम भोपाल और इंदौर के मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा की

भोपाल। इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी, जो सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं के लिए आवाजाही की सुविधा की दृष्टि से उपयोगी होगी। इससे संबंधित फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में इंदौर एयरपोर्ट से महाकाल मंदिर तक वंदे मेट्रो की सुविधा प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक अहम सौगात होगी। विभिन्न नगर परस्पर बेहतर ढंग से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के बड़े नगरों के लिए नए ट्रैफिक प्लान की जरूरत को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में भोपाल और इंदौर के मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सुगम यातायात के लिए प्रदेश के बड़े नगरों जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में मेट्रो के साथ वंदे मेट्रो, रोप-वे, इलेक्ट्रिक-बस और केबल-कार जैसे साधनों का उपयोग किया जाएगा।

आगामी आवश्यकताओं की दृष्टि से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। यातायात के विकल्पों के उपयोग के अंतर्गत उज्जैन से ओंकारेश्वर रूट, भोपाल से इंदौर, जबलपुर से ग्वालियर के लिए भी विचार कर जरूरी निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में भोपाल मेट्रो और इंदौर मेट्रो की प्रगति पर की जानकारी भी दी गई। इंदौर मेट्रो के बारे में बताया गया कि कुल 31.32 किलोमीटर में कार्य हो रहा है, इंदौर में कुल 28 स्टेशन बनेंगे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव वीरा राणा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मंडलोई और मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित थे।

वंदे मेट्रो सर्किल ट्रेन भी चलेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हाल ही में हुई चर्चा के अनुसार, मध्य प्रदेश में विभिन्न नगरों के लिए वंदे मेट्रो चलाने पर सहमति हुई है। ऐसे नगरों में जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां मेट्रो ट्रेन संचालन की दृष्टि से समेकित रूप से योजना बनाने के लिए सर्किल ट्रेन की सुविधा प्रारंभ करने पर सहमति हुई है। मुख्यमंत्री की रेल मंत्री से वंदे मेट्रो के संचालन, अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग और पीथमपुर-देवास जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करने के संबंध में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कुछ नगरों में उपलब्ध नेरो-गेज एवं अन्य रेल लाइन का उपयोग करने के संबंध में कहा कि इसका सर्वे एवं अध्ययन पूर्ण किया जाए, ताकि वर्तमान में उपयोग में नहीं आ रहे रेल ट्रेक का उपयोग किया जा सके।

मेट्रो ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी अनेक सुविधाएं
मेट्रो स्टेशन पर अनेक जनसुविधाएं रहेंगी। प्राथमिक चिकित्सा, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, यात्री मार्ग नक्शा, यात्री सूचना प्रणाली, आपातकालीन स्टाप पलंजर, आपातकालीन ट्रिप प्रणाली, आपातकालीन सहायता बटन शामिल हैं। शिशु देखभाल कक्ष भी रहेगा। दिव्यांग जन के लिए शौचालय में काल बटन, सहायता कर्मी, सड़क से लिफ्ट तक रैम्प, स्पर्श पथ और व्हीलचेयर की सुविधा रहेगी। केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से संपूर्ण मानीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।

जल्द शुरू होगा भोपाल मेट्रो ट्रेन का कामर्शियल परिचालन
भोपाल में मेट्रो ट्रेन संचालन का परीक्षण भी गत अक्टूबर माह में किया जा चुका है। ऑरेंज लाइन में कुल 16 स्टेशन बनेंगे, जिसमें 14 एलीवेटेड और दो भूमिगत होंगे। द्वितीय चरण में भदभदा चौराहे से रत्नागिरी तिराहा लंबाई 14.21 किलोमीटर (ब्लू लाइन) में कुल 14 एलीवेटेड स्टेशन बनेंगे। तृतीय चरण में सुभाष नगर से करोंद चौराहा 9.74 किलोमीटर का कार्य शामिल है। सुभाष नगर में संयुक्त मेट्रो रेल डिपो और दोनों लाइन के मध्य पुल बोगदा एक इंटरचेंज स्टेशन है। प्रथम चरण में सिविल और सिस्टम कार्य प्रगति पर है। द्वितीय चरण में सिविल कार्य के लिए शीघ्र अनुबंध किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण के एलिवेटेड और भूमिगत संबंधी अनुबंध संपन्न हो चुके हैं। प्रथम चरण में मेट्रो ट्रेन का कामर्शियल परिचालन आगामी माह में प्रारंभ होगा। द्वितीय और तृतीय चरण का कार्य कामर्शियल परिचालन की दृष्टि से वर्ष 2027 में पूरा होगा।

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