ब्रिटिश संसद में उठा मणिपुर का मुद्दा, विदेश मंत्री कैमरन ने हिंसा में ‘धर्म की भूमिका’ की ओर किया इशारा

अंतर्राष्ट्रीय ब्रिटेन

ब्रिटेन की संसद में ‘मणिपुर और भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की मौजूदा स्थिति’ का मुद्दा उठाया गया है.

ब्रिटेन/ विंचेस्टर के लॉर्ड बिशप के एक सवाल के जवाब में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरन ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपने संविधान के जरिये धार्मिक स्वतंत्रता और विश्वास के लिए प्रतिबद्ध है.

दरअसल, लॉर्ड बिशप ऑफ़ विंचेस्टर ने सरकार से ये पूछा था कि ब्रिटेन भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की मौजूदा स्थिति का किस तरह से आकलन करता है.

इस पर डेविड कैमरन ने कहा, “भारत एक बहुधर्मी और बहुनस्ली लोकतंत्र है. ये दुनिया की सबसे अधिक विविधता वाले धार्मिक समाजों में आता है. यहां 96 करोड़ 60 लाख हिंदू, 17 करोड़ 20 लाख मुसलमानों, दो करोड़ अस्सी लाख ईसाई, दो करोड़ सिख, 80 लाख बौद्ध और 45 लाख जैनी रहते हैं.”

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और अब विदेश मंत्रालय और राष्ट्रमंडल देशों से संबंधित विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे डेविड कैमरने ने कहा, “इस संबंध में कोई खास मुद्दा या चिंता पैदा होती है तो ब्रिटेन की सरकार निस्संदेह भारत सरकार के सामने ये मुद्दे उठाती है.”

मणिपुर का जिक्र

लॉर्ड बिशप ऑफ़ विंचेस्टर ने डेविड कैमरन के शुरुआती जवाब के बाद मणिपुर का जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “भारत के मणिपुर राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन की परेशान करने वाली रिपोर्टें सामने आई हैं जिसे ‘इंटरनेशनल रीलिजियस फ्रीडम ऑर बीलीफ़ अलायंस’ ने रेखांकित किया है. ब्रिटेन इस अलायंस का एक सदस्य देश है और सांसद फियोना ब्रूस इस सिलसिले में प्रधानमंत्री की विशेष दूत हैं.”

इसके साथ ही लॉर्ड बिशप ऑफ़ विंचेस्टर ने ‘इंटरनेशनल रीलिजियस फ्रीडम ऑर बीलीफ़ अलायंस’ में प्रधानमंत्री की विशेष दूत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को बढ़ाने से संबंधित क़ानून को लेकर सरकार के समर्थन का सवाल भी पूछा.

इस अलायंस में फिलहाल ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत 38 देश हैं. भारत इस अलायंस का हिस्सा नहीं है.

बिल को लेकर लॉर्ड बिशप के सवाल पर डेविड कैमरन ने अपना समर्थन जताया.

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