भोपाल| शनिवार की सुबह लगी वल्लभ भवन बिल्डिंग की आग पर करीब 3 घंटे बाद काबू पाया जा सका। इस दौरान CMO से लेकर सभी स्तर पर अफरा- तफरी के हालात बने रहे। आग बुझाने के लिए आसपास के जिलों के साथ ही सेना की फायर ब्रिग्रेड को भी बुलाना पड़ा। वल्लभ भवन के गेट नंबर 5 और 6 के बीच बड़ी बिल्डिंग की 4, 5 और 6 वीं मंजिल पर आग लगने की जानकारी आ रही है। शनिवार सुबह मंत्रालय में आग लगने की सूचना नगर निगम फायर कंट्रोल रूम को विशाल खरे ने दी। कंट्रोल रूम से चार दमकलों को भेजा गया है। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। भोपाल, रायसेन, विदिशा के अलावा एयरपोर्ट, बीएचईएल और सेना की 40 से अधिक दमकलें आग बुझाने के प्रयास कर रही हैं।
बता दें कि आग सुबह करीब 9:30 बजे आग लगी तो लोगो ने कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। इसके करीब 15 मिनट बाद दमकलें पहुंची और आग बुझाना शुरू किया। आग जिस हिस्से में लगी है, वह वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग है। बताया जा रहा है कि आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जल रहे हैं। भोपाल का फायर अमला मौके पर मौजूद है। इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि फिर आगजनी जैसी कोई घटना ना हो, इसके लिए आज निर्देश जारी किए हैं। बिल्डिंग में पांच कर्मचारी फंसे थे, सभी को बाहर निकाल लिया गया है। दो कर्मचारियों को अस्पताल ले जाया गया है। इधर आग बुझाने के लिए सेना के टैंकर बुलाए जा रहे हैं।
विपक्ष ने बोला हमला, धरने पर बैठे
इधर आग लगने के मामले में कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। वल्लभ भवन पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि यह आग भ्रष्टाचार के पाप को छुपाने के लिए सरकार ने लगाई है। इधर पुलिस ने जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को मंत्रालय में घुसने से रोक दिया। इसके चलते पुलिस अधिकारी से उनकी तीखी बहस हो गई। जीतू पटवारी ने मंत्रालय में न घुसने देने के विरोध में कांग्रेस नेताओं के साथ धरना शुरू कर दिया
दिग्विजय और गोविंद सिंह ने भी सरकार को घेरा
घटना के बाद कांग्रेस के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी इसे साजिश बताया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार को दबाने के लिए बीजेपी सरकार का तरीका है। इसलिए इसे बार -बार अपनाया जाता है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा जिस तरह घटना सामने आई है, उससे साफ है कि यह आग लगी नहीं है, बल्कि लगाई गई है। यह घटना नहीं बीजेपी की सोची- समझी साजिश है।
सात सदस्यीय समिति घटना की जांच करेगी
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। सात सदस्यीय समिति घटना की जांच करेगी। पांचवें तल पर 30 से अधिक कक्ष आग की चपेट में आए हैं। आग के साथ धमाके की भी आवाजें सुनाई दे रही थीं। खिड़कियों के कांच तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि देर शाम तक आग बुझा ली गई, लेकिन मंत्रालय में लगी भीषण आग की घटना ने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड़े अफसरों के दफ्तर इसी बिल्डिंग में
जहां आग लगी है, वहां सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी चौथी मंजिल पर बैठते हैं। यहां पहले मुख्य सचिव बैठा करते थे। इसी बिल्डिंग में प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव स्मिता भारद्वाज, जेएन कंसोटिया समेत अन्य अधिकारियों के दफ्तर हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रालय के 5 कर्मचारी अंदर फंसे हैं। इनमें अनिल मंडलोई, अमित शर्मा आदि के नाम सामने आ रहे हैं।
याद आया सतपुड़ा भवन का अग्निकांड
वल्लभ भवन में लगी इस आग ने पिछले साल सतपुड़ा भवन में आग की विभीषिका की याद दिला दी। 12 जून 2023 को वल्लभ भवन के नजदीक स्थित सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई थी। उस आग पर अगले दिन जाकर काबू पाया जा सका था। आग को काबू पाने में 20 दमकलें लगी थीं। इस घटनाक्रम में कई महत्तवपूर्ण दस्तावेज जल गए थे।
जहां आग लगी वह वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग
सफाई कर्मचारी विशाल खरे ने बताया कि वह सुबह करीब 9:30 बजे मंत्रालय के गेट नंबर 5 और 6 के सामने सफाई कर रहा था, तभी दोनों गेट के बीच बनी इमारत की तीसरी मंजिल से धुआं उठते देखा। इस पर तत्काल नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। इसके करीब 15 मिनट बाद दमकलें पहुंचीं और आग बुझाना शुरू किया। आग जिस हिस्से में लगी है, वह वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग है।
भोपाल के वल्लभ भवन में आग लगने की घटनाएं
13 जुलाई 2017 : दोपहर 12:30 बजे, वल्लभ भवन के 6वें तल पर लगी आग।
26 जुलाई 2017 : दोपहर 1:30 बजे, वल्लभ भवन के 4वें तल पर लगी आग।
24 मई 2018 : रात 10:30 बजे, वल्लभ भवन के 3वें तल पर लगी आग।
14 अक्टूबर 2020 : दोपहर 2:30 बजे, वल्लभ भवन के 5वें तल पर लगी आग।
15 नवंबर 2023: दोपहर 11:30 बजे, वल्लभ भवन के 2वें तल पर लगी आग।


