भोपाल। मैं जहां से आता हूं, वह बाबा महाकाल की नगरी है और भगवान श्री कृष्ण ने भी जहां शिक्षा ग्रहण की। आज की राजनीति में जिस प्रकार अमित शाह ने अपनी राजनीतिक यात्रा में गृहमंत्री का रोल अदा किया है, उससे वास्तव में भगवान श्रीकृष्ण के सच्चे अर्थों में शिष्य के नाते से जो शासन व्यवस्था के सूत्र चाहिए, वह हमें दिखाई देते हैं। यह बात रविवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की आशा और विपक्ष की हताशा है। दुर्भाग्य यह है कि ‘घमंडिया’ गठबंधन (आइएनडीआइए) गरीब, ओबीसी, आदिवासी और अल्पसंख्यक हित की बात करेगा, लेकिन भला किसी भी वर्ग का नहीं करेगा। भाजपा ने अति पिछड़े परिवार से प्रधानमंत्री दिया। मुझे इतने बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनने का मौका कोई पार्टी दे सकती है तो वह एकमात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी है। मध्य प्रदेश उन राज्य में आता है, जहां चार-चार मुख्यमंत्री ओबीसी वर्ग से आते हैं। हमारे यहां सीएम, डिप्टी सीएम के पद जिस प्रकार से दिए जा रहे हैं, वह अपने आप में इस बात का रिकार्ड है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केवल कहते नहीं है कि सबका साथ, सबका विकास, उसे करके दिखाते हैं।
आंध्र प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आंध्र प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। बंगाल में इनका केवल एक विधायक है, वह भी उपचुनाव में जीता है। देश में सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में उनके पास केवल दो विधायक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुर्भाग्यशाली, अभागे लोग भगवान राम का निमंत्रण भी ठुकरा कर देश में राजनीतिक विजय की कामना करते हैं। यह कैसी राजनीति करना चाहते हैं, यह क्या चाहते हैं?


