हल्द्वानी और बरेली के बाद कासगंज में भी बवाल, थाने पर पथराव, इंस्पेक्टर और सिपाही घायल

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय

कासगंज| अमांपुर थाना पुलिस ने युवक गौरव 20 साल को 3 फरवरी को हिरासत में लिया था। गौरव ग्राम रसलुआ सुलहपुर का रहने वाला है। पुलिस ने युवक को किशोरी का अगवा करने के मामले में हिरासत में लिया था। 2 फरवरी को किशोरी के पिता ने थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया।

पुलिस ने युवक को 6 दिन से हिरासत में लिया
पुलिस ने गौरव को हिरासत में ले लिया। शुक्रवार को सुबह करीब 9 बजे के आसपास शौचालय में जाकर अपने ही मफलर से जंगले में फंदा लगाकर जाने देने की कोशिश की। युवक जब आधा घंटे तक बाहर नहीं निकला तो पुलिस कर्मियों ने उसे फंदा लगा होने की स्थिति में देखा। पुलिस ने युवक को अस्पताल भेजा।

गांव के लोग आक्रोशित हो गए
गांव वालों को इसकी जानकारी हुई तो आक्रोशित हो गए। भीड़ थाने के अंदर लगे लोहे के गेट को तोड़ने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों से नोंकझोंक हुई और इसी बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। 10 से 15 मिनट तक पत्थरबाजी हुई। जिसमें बेकाबू आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज कर आक्रोशितों और भीड़ को थाना परिसर और मार्ग से खदेड़ दिया। पथराव और लाठी चार्ज में इंस्पेक्टर क्राइम वीपी गिरी, सिपाही अनस पत्थर लगने से चोटिल हुए। इसके अलावा लाठीचार्ज में कई ग्रामीण भी चुटैल हो गए। लाठी चार्ज के दौरान कई लोग सड़क पर गिरने से चुटैल भी हुए।

इंस्पेक्टर और विवेचक को किया निलंबित
पुलिस हिरासत में युवक के द्वारा आत्महत्या करने की कोशिश की गई। मामले में एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने इंस्पेक्टर यतींद्र प्रताप एवं मामले की विवेचना कर रहे गयाप्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दुबे को सौंपी गई है।

अलीगढ़ में चल रहा युवक का उपचार
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि नाबालिग किशोरी के मामले में पुलिस हिरासत में लिए युवक ने शौचालय में मफलर से जंगले में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसका इलाज अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इंस्पेक्टर एवं विवेचक को निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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