टीटी की मनमानी पर लगेगी रोक, रेलवे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बनाया हथियार, वेटिंग को मिलेगी पहले सीट

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नई दिल्ली| यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे लगातार नए प्रयोग कर रहा है। यात्रियों के आरामदाय क सफर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस से लेकर अमृत भारत ट्रेनें ताबड़तोड़ शुरू की जा रही हैं। यात्रियों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे आरएसी बर्थ आवंटित करने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है, इसके बाद टीटी मनमा नी नहीं कर सकेंगे। यानी कुछ ले देकर टीटी आपकी बर्थ किसी और को नहीं दे पाएगा। दरअसल, मौजूदा समय में चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल कराने या कंफर्म टिकट के बाद भी ट्रेन में सफर न करने वाले यात्री की सूचना रेलवे या टीटी को रहती है।

इन बर्थ को टीटी वेटिंग या आरएसी के क्रम देता है या नहीं, यह रेलवे को पता नहीं चल पाता है। मसलन किसी कोच में कंफर्म टिकट लेने वाले पांच यात्री नहीं पहुंचे। ऐसे में टीटी मनमानी करके आरएसी एक-दो को बर्थ न देकर तीन से सात आरएसी नंबर वालों को बर्थ दे सकता है। क्योंकि खाली बर्थ की सूचना यात्रियों के पास नहीं होती है। रेलवे मंत्रालय अब ऐसे मामले में यात्रियों को राहत देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। इससे खाली बर्थ या सीट क्रमवार वेटिंग और आरएसी यात्री को ही मिल सके। ऐसे यात्रियों के पास चलती ट्रेन में मैसेज पहुंचाया जा सकता है, जिससे वो सीधा टीटी से मिलकर बर्थ ले सकें। मंत्रालय के अनुसार एआई के इस्तेमाल को लेकर बैठक हो चुकी है। आने वाले दिनों में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

हर साल 800 करोड़ यात्री करते हैं सफर

मौजूदा समय 800 करोड़ यात्री सालाना ट्रेनों से सफर कर रहे हैं। इनके लिए मेल, पैसेंजर, सब अर्बन और पैसेंजर को मिलाकर 10748 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इन 800 करोड़ यात्रियों में सभी को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता है। इनमें से तमाम लोगों को वेटिंग या आरएसी टिकट में यात्रा करनी पड़ती है, जो काफी असुविधाजनक होती है, इन्हें राहत देने की तैयारी है।

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