ठाणे| देश के विभिन्न हिस्सों में इस वक्त केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आतंकी संगठन आईएसआईएस के मॉड्यूल को लेकर जांच और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि देश में आईएसआईएस धीरे-धीरे अपने पांव पसार रहा है। दिल्ली स्पेशल सेल द्वारा दर्ज की गई आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में नई एफआईआर की जांच एनआईए कर रही है। इसी सिलसिले में मुंबई से सटे ठाणे से एनआईए को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं जो कि डराने वाले हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को।
200 युवाओं को कट्टरपंथी बनने का शक
एनआईए को शक है कि ठाणे ग्रामीण में स्थित पड़घा इलाके के बोरिवली गांव में देशभर के करीबन 200 युवाओं का ब्रेन वाश किया गया और उन्हें रेडिक्लाइज किया गया है। सूत्रों ने बताया की एनआईए के लिए यह बड़ी चुनौती है की वो पता लगाये की आखिर यह दावा सही है तो वो सारे युवा कौन हैं? ये लोग कहां-किस राज्य के किस शहर या गांव में रहते हैं और वो क्या कर रहे हैं।
ऐसे किया जाता था ब्रेनवॉश
सूत्रों ने दावा किया है की बोरिवली गांव में कुछ ऐसी जगह हैं जहां पर 4-5 लोगों का एक एक बैच बनाया जाता था। एक बार में एक ही बैच को बुलाया जाता था और फिर उन्हें “अल शाम” के बारे में बताया जाता था और उनका ब्रेनवाश किया जाता था। सूत्रों का मानना है कि ऐसा इसलिए होता था ताकि किसी को शक ना हो और इस तरह से अबतक करीबन 200 युवकों को यहां बुलाया गया और उनका ब्रेनवाश किया गया। यह युवा ज़्यादातर 20-30 साल के थे। दावा यह भी है की आईएसआईएस के इस मॉड्यूल की प्लानिंग मुंबई रेल ब्लास्ट के आरोपी रह चुके साकिब नाचन ने की थी।
लगातार हो रही गिरफ्तारी
एनआईए ने इस मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्य के कुल 44 ठिकानों पर छापेमारी कर 15 लोगों को गिरफ़्तार किया था। जब जांच को आगे बढ़ाया गया तो कई सारी जानकारी मिली जिसमे से यह ठाणे की घटना की जानकारी मिती, जिसपर एनआईए की टीमें काम कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि आज महाराष्ट्र एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की एक टीम दिल्ली पहुंची है और ये लोग एनआईए द्वारा गिरफ़्तार 15 आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। एक अधिकारी ने यह भी बताया की आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों का ठीक से जवाब भी नहीं दे रहे हैं।


